
मीटर रिकैलिब्रेशन, रिक्शा स्टैंड और ऑनलाइन बाइक सेवाओं का मुद्दा उठाया
नवी मुंबई : नवी मुंबई के रिक्शा चालक-मालिकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर टैक्सी रिक्शा चालक-मालिक एकता यूनियन ने उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी, नवी मुंबई को पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन अध्यक्ष सुनील बोर्डे ने किराया वृद्धि, मीटर रिकैलिब्रेशन, रिक्शा स्टैंड, मराठी भाषा प्रमाणपत्र तथा ऑनलाइन बाइक सेवाओं सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

यूनियन का कहना है कि 1 सितंबर 2026 से रिक्शा किराया बढ़ाया गया है, लेकिन 22 सितंबर तक मीटरों का रिकैलिब्रेशन नहीं होने के कारण चालक पुरानी दरों पर ही यात्रियों को सेवा दे रहे हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि किराया वृद्धि के संबंध में रिक्शा चालकों को आवश्यक कार्ड भी वितरित नहीं किए गए हैं।
रिक्शा किराया बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए यूनियन ने कहा कि चालकों को केवल एक रुपये की वृद्धि दी गई, जबकि मीटर पासिंग करने वाली एजेंसियों के शुल्क में 500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 से 3,500 रुपये तक वृद्धि की गई है। यूनियन ने इस वृद्धि के आधार पर भी प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके अलावा वर्ष 2023 में किए गए रिक्शा स्टैंड सर्वे के बावजूद पांच रिक्शा स्टैंड को अभी तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन ने प्रशासन पर इस मामले में पर्याप्त फॉलोअप नहीं करने का आरोप लगाया।
परप्रांतीय रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा प्रमाणपत्र का मुद्दा भी पत्र में उठाया गया है। यूनियन ने मांग की है कि मराठी भाषा सीखने के लिए सप्ताह में एक दिन प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि पात्र रिक्शा चालकों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने में परेशानी न हो।
रैपिडो, ओला और उबर की ऑनलाइन बाइक सेवाओं को लेकर भी यूनियन ने आपत्ति जताई है। यूनियन का कहना है कि इन सेवाओं के कारण पारंपरिक रिक्शा चालकों के व्यवसाय पर असर पड़ रहा है। इस मुद्दे पर परिवहन प्रशासन की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की गई है।
यूनियन ने मांग की है कि सभी मुद्दों पर प्रशासन और यूनियन के बीच बैठक आयोजित कर चर्चा की जाए तथा रिक्शा चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित निर्णय लिया जाए।

