
नवी मुंबई : नवी मुंबई के सभी रेलवे स्टेशनों के आसपास नशेड़ियों की बढ़ती मौजूदगी और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से विशेष रूप से शहर के भविष्य बच्चों एवं युवाओं को होने वाले खतरे को देखते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता से लगातार कार्रवाई करने के निर्देश महापौर श्रीमती सुजाता पाटील ने दिए। उन्होंने संबंधित प्राधिकरणों के अधिकारियों की विशेष बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे सहित मनपा के अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में खेल एवं सांस्कृतिक समिति के सभापति श्री गिरीश म्हात्रे, नगरसेवक श्री सूरज पाटील, प्रभाग समिति अध्यक्ष श्री प्रकाश मोरे, श्रीमती ललिता मढवी, श्री चंद्रभागा शंकर मोरे, श्रीमती हेमांगी सोनावणे, श्रीमती रूपाली भगत, नगरसेविका श्रीमती स्वप्ना गावडे एवं श्रीमती ऐश्वर्या सोनावणे ने नवी मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बिक्री के सक्रिय नेटवर्क की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इससे नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए चिंता व्यक्त की।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नवी मुंबई शहर में फैल रही नशे की इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सभी संबंधित प्राधिकरणों को मिलकर काम करना आवश्यक है। इसमें पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने कहा कि यह सामाजिक दृष्टि से बेहद गंभीर विषय है। नशीले पदार्थों की पूरी श्रृंखला को तोड़ने के लिए प्रभावी निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखना जरूरी है। उन्होंने स्कूलों के आसपास पान की दुकानों को अनुमति नहीं देने की भूमिका स्पष्ट की। साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर रोक लगाने के लिए पुलिस, रेलवे और सिडको के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने की बात कही। आयुक्त ने रात के समय भी नियमित गश्त बढ़ाने की आवश्यकता जताते हुए संबंधित अधिकारियों की बैठक तत्काल आयोजित करने के निर्देश दिए।
नेरुल रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई घटना को ध्यान में रखते हुए सभी रेलवे स्टेशन परिसरों में नशेड़ियों की मौजूदगी तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर नियंत्रण के लिए यह तत्काल समन्वय बैठक आयोजित करने पर उपस्थित सभी लोगों ने महापौर श्रीमती सुजाता पाटील का आभार व्यक्त किया।
महापौर श्रीमती सुजाता पाटील ने कहा कि नवी मुंबई की नई पीढ़ी को नशे के जाल से दूर रखने के लिए इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए प्रत्येक नागरिक एवं संबंधित विभाग को जागरूक होकर तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रेलवे स्टेशनों के आसपास पुलिस बीट चौकियां स्थापित की जाएं और वहां पुलिस, रेलवे पुलिस तथा मनपा के कर्मचारियों की स्थायी व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि शहर में कार्यरत चारों प्राधिकरणों को आपसी समन्वय के साथ इस दिशा में काम करना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा शहर की उपेक्षित जगहों, फुटपाथों, उद्यानों एवं मैदानों के कोनों तथा बाजार क्षेत्रों में भी नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां तक कि स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों एवं प्राचार्यों की ओर से भी ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
इस स्थिति को देखते हुए अभिभावकों में यह चिंता बढ़ रही है कि आज घर की दहलीज तक पहुंचा यह खतरा कहीं कल घर के अंदर न पहुंच जाए। इसलिए सभी संबंधित प्राधिकरणों को एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान युद्धस्तर पर चलाना चाहिए और विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, स्कूल एवं कॉलेज परिसरों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए, ऐसा महापौर ने बैठक में कहा।
महापौर श्रीमती सुजाता पाटील ने कहा कि नवी मुंबई ने अनेक क्षेत्रों में देशभर में अपनी पहचान बनाई है। नशे जैसी सामाजिक बुराई के कारण शहर की छवि खराब नहीं होनी चाहिए। यह हम सभी की जिम्मेदारी है। इस मुद्दे को संवेदनशील एवं व्यापक सामाजिक हित का विषय मानते हुए गंभीरता से लेते हुए ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

