
नवी मुंबई : ऐरोली जी विभाग कार्यालय के अंतर्गत आने वाले दिघा एमआईडीसी के यादवनगर में करीब 200 से 250 परिवार पिछले 20 से 25 वर्षों से रह रहे हैं। आरोप है कि इन परिवारों को बेघर करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दिघा के गवते परिवार और एक विकासक द्वारा उक्त जमीन पर अपना अधिकार जताया जा रहा है।
बताया गया कि 25 अगस्त को अचानक एक विकासक की ओर से यादवनगर के रास्ते पर पत्रे का कंपाउंड लगाने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उन्हें धमकाया गया। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवक ब्रिजेशकुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और पत्रे लगाने का काम रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह जमीन एमआईडीसी के स्वामित्व वाली है और यहां पिछले दो से ढाई दशकों से परिवार रह रहे हैं। नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से इन निवासियों को पानी, सड़क, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके बावजूद अचानक कुछ लोगों द्वारा जमीन पर अपना अधिकार जताने और रहिवासियों को घर खाली करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया गया है।
रहिवासियों के अनुसार, कुछ लोगों के माध्यम से उन्हें घर खाली करने की धमकी दी जा रही है। साथ ही, घर खाली करने पर प्रत्येक परिवार को 3 लाख रुपये देने का लालच दिए जाने का भी आरोप है।
इस मामले में समाजसेवक ब्रिजेशकुमार मिश्रा ने नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त, एमआईडीसी के कार्यकारी अभियंता तथा ऐरोली जी विभाग के विभाग अधिकारी एवं सहायक आयुक्त को लिखित शिकायत देकर यादवनगर में लगाए जा रहे पत्रे के कंपाउंड को हटाने और नागरिकों को राहत देने की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद ऐरोली जी विभाग के विभाग अधिकारी एवं सहायक आयुक्त विशाल शितोळे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए शाम करीब साढ़े पांच बजे अतिक्रमण विभाग के कर्मचारियों को यादवनगर भेजकर मौके की जांच कराई।
विशाल शितोळे, विभाग अधिकारी तथा सहायक आयुक्त, ऐरोली जी विभाग कार्यालय ने कहा, “यादवनगर में पत्रे का कंपाउंड लगाए जाने का काम शुरू होने की जानकारी मिश्रा ने फोन पर दी थी। मैं मुख्यालय में बैठक में था, इसलिए जी विभाग कार्यालय की अतिक्रमण टीम को मौके पर भेजा गया है। दो दिन सरकारी अवकाश होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं की जा सकती। सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार संबंधित स्थान पर कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं, मनोज पाटील, अभियंता, एमआईडीसी महापे कार्यालय ने कहा, “सदर जमीन एमआईडीसी की है। यदि कोई व्यक्ति वहां पत्रे लगाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को हमारे अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेंगे।”
अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर है। साथ ही, यादवनगर के रहिवासियों को बेघर किए जाने की कथित कोशिश पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा

