उसिया के क्यूईसी स्कूल के पांच छात्रों का कमाल: शिक्षक परवेज़ ख़ां के शिक्षकीय संघर्ष का नतीजा : तौशिफ गोया

By: Khabre Aaj Bhi
Jan 22, 2021
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 क्यूईसी स्कूल के ५ छात्रों सहित ६ छात्रों को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रवेश हेतु लिखित परीक्षा में सफल

उसिया : सेवराईं तहसील क्षेत्र के मौजा उसिया में स्थित क्यूईसी स्कूल की स्थापना को महज पांच वर्ष हुए हैं. क्यूईसी स्कूल की स्थापना के ध्येय में जो गुणवत्तायुक्त शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, प्रयास और प्रण है, उसमें पारम्परिक रट्टामार पढ़ाई से आगे निकल कर छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मक-रचनात्मक क्षमता के नव-निर्माण का रण भी है । 

क्यूईसी स्कूल के प्रधानाचार्य आरिफ़ खां और प्रबंधक परवेज़ ख़ां के द्वारा गुणवत्तायुक्त शिक्षा के पुर्ननिर्माणों वाली सरोकारी और प्रतिस्पर्धी अभियानों की अभिव्यक्ति की दिग्विजयी दिगदर्शिता के आकार ने आज बड़ी दृष्टि और दृश्य को साकार किया है। जो क़ाबिल-ए-ग़ौर, क़ाबिल-ए-दाद, क़ाबिल-ए-क़द्र और क़ाबिल-ए-तारीफ़ है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (मास्टर डिग्री) और शिक्षा में बड़ी भूमिकाओं को सुफल करने के लिए बड़ी भूमिकाओं वाली अपनी नौकरी को लात मारने वाले परवेज़ ख़ां के शिक्षकीय संघर्षों के बदौलत कल बृहस्पतिवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कक्षा नौवीं में प्रवेश हेतु लिखित परीक्षा में क्यूईसी स्कूल के ५ छात्रों सहित कुल ६छात्रों ने सफलता प्राप्त किया है। 

'संघर्ष की सफलता' पर क्यूईसी स्कूल उसिया के प्रबंधक और शिक्षक परवेज़ ख़ां के विचार बिंदु

“हर साल हम अपने स्कूल-कॉलेज के वार्षिकमहोत्सव का जश्न मनाने के लिए हर बार इक्ट्ठा होते हैं और वो हर बार किसी न किसी छात्र के लिए उसके स्कूल में उसके जश्न का आख़िरी दिन होता है. जिसमें वो भोजन, नाच-गाना, आनंदोत्सव आदि सहित बहुत चीजों का मज़ा उठाता है. यह दिन हर ऐसे छात्र के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह दिन अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए आख़िरी दिन होता है। मुझे जब भी अपने स्कूल के कार्यक्रम की मेजबानी करने का मौक़ा दिया गया है, तब मैं अपने स्कूल के हर छात्रों को संबोधित करने के लिए बहुत उत्साहित रहता हूं, क्योंकि यह तमाम छात्रों में से कई छात्रों के साथ मेरी अंतिम बातचीत होती है. मैं छात्रों के साथ सफलता के कुछ रहस्यों को साझा करने के लिए इस मंच का उपयोग करता हूं।

मैं अपने संबोधन में छात्रों को उनकी अब तक के लिए सफलता से तात्पर्यण, सफलतापूर्वक समय पर होमवर्क पूरा करने,कक्षाओं में अनुपस्थित ना रहने, आवश्यक उपस्थिति बनाए रखने, सेमेस्टर परीक्षाओं में मेहनत करने के लिए शाबाशी देता हूं. लेकिन वास्तविकता में शैक्षणिक जीवन बहुत बड़ा समुद्र है. वास्तव में यह एक सागर है जो कामयाबी हासिल करने के लिए आपको पार करना ही होगा. कभी-कभी जीवन में आपको ऐसी चोट लग सकती है, मानों किसी ने पत्थर मारा हो, किसी ने खिल्ली उड़ायी हो,किसी ने अपशब्द कहे हों, किसी ने नीचा दिखाने की नकारात्मक कोशिशें की हों, लेकिन उम्मीद मत खोइए।

मैं अपने क्यूईसी स्कूल के हर छात्रों से सहर्ष कहता हूं कि इतिहास गवाह ​​है कि जो लोग हार नहीं मानते वे अंततः सफलता हासिल करते हैं, लेकिन अगर मैं आप सभी छात्रों से सफलता की व्याख्या करने के लिए कहूं तो शायद आप सभी में से बहुत से उनके नाम, प्रसिद्धि, मान्यता, बड़ा घर,कार,बैंक बैलेंस आदि के रूप में कहेंगे. पर आप सभी छात्रों के समक्ष खुद शिक्षक होने के नाते मेरी राय सफलता की व्याख्या हर व्यक्ति के हिसाब से अलग हो सकती है।परम सफलता ख़ुशी और संतुष्टि है. यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने जुनून और प्यार को पाना चाहे. समय ख़राब करने के बजाय आप अपने लक्ष्यों और सपनों के लिए मेहनत करें. आप किसी और के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक सफलता हासिल करने के लिए अपनी पहचान और क्षमता के अनुरूप कार्य करें। 

मैं समझ सकता हूं कि आप में से बहुत से लोगों ने अभी तक अपने कैरियर के लक्ष्यों के बारे में निर्णय नहीं लिया है। आप में से कुछ आगे और पढ़ाई करने का विकल्प चुन सकते हैं, कुछ कॉर्पोरेट जगत में शामिल हो सकते हैं और आप में से कुछ अपने परिवार के व्यवसाय में शामिल हो सकते हैं. प्रत्येक विकल्प अपनी संभावनाओं और चुनौतियों से भरा हुआ है। आपको परिणामों की कल्पना न करके केवल अपनी शैक्षिक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए. यदि आप शुरुआत में विफल हो जाते हैं, तो निराश होने की बजाए कोशिशें करते रहें. याद रखें कि आपकी गलतियां आपको अंत में बहुत महत्वपूर्ण सबक देंगी और आपको सही रास्ते चुनने में भी मदद करेंगी। 

हमने बचपन में कई कहानियों के बारे में सुना है जैसे 'चींटी की कहानी, जो पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश करती है' या 'सावधानी और स्थिरता से ज़िंदगी की जंग जीती जाती है' आदि-आदि. इन सभी कहानियों की सीख एक ही है कि जब तक आप सफल न हों जाएं, तब तक आपको कोशिश करते रहना चाहिए और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी गति धीमी है। लेकिन अगर आप स्थिर हैं, तो आप निश्चित रूप से जीत सकते हैं। वर्ष २०१९ की प्रवेश परीक्षा में भी ३ छात्रों ने जीत लिया था सफलता का मैदान अपने कम सार-ओ-बार इलाके का पहला और अकेला स्कूल जिसे छात्रों को कंपटीशन के लिए तैयार करने वाला नर्सरी भी कहा जाता है।
सफल छात्रों में उसिया के उत्तर मुहल्ला कि सानिया खान पुत्री जुबैर खान,फलक नाज पुत्री शकील खान,अली -शब-ए नूर पुत्री शब्बीर खान,समरीन खातून पुत्री बदरे आलम खान,जो (शाह फैज पब्लिक स्कूल गाजीपुर की छात्रा है )और शिक्षक परवेज खान के शिक्षकीय निर्देशन में  सफलता प्राप्त की है।मोहम्मद सीमा़ब खान  पुत्र अब्दुल खालिक खान ,और फैसल का पुत्र फिरोज का है।  तो फिर आप सभी आइए अपने योगदान के साथ, अपने स्वस्थ विचारों के साथ,अपने बच्चों के साथ, जो कल आपके भविष्य को आकार देने की कोशिश करेंगे। क्यूईसी स्कूल उसिया की प्रतिबद्ध,प्रतिस्पर्धी,अनुगामी,बहुआयामी,सरोकारी,संदर्भशील,गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अभियानों में आपके प्रतिभाग से हम आपके कृतज्ञ होंगे। 


Khabre Aaj Bhi

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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