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गाजीपुर : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के द्वारा टीबी मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए अधिकारियों के द्वारा गोद लिए जाने की अपील अब जनपद गाजीपुर में भी अमली रूप में दिखना शुरू हो गई है । इस कड़ी में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जीसी मौर्य ने १८ वर्ष से कम उम्र के दो मरीजों को गोद लिया । इस दौरान उन्होंने दोनों मरीजों के परिजन को उनके पोषण का सामान भी उपलब्ध कराया । इसके पश्चात उन्होंने जिला अस्पताल स्थित क्षय रोग केंद्र का निरीक्षण भी किया।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि राज्यपाल के द्वारा की गई अपील के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा दो टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। इन मरीजों की देखभाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा तब तक की जाएगी, जब तक वह दोनों मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते। इनके इलाज के दौरान बीच-बीच में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में भी जानकारी लेते रहेंगे। जनपद में अब तक २१ टीबी के मरीजों को गोद लिया जा चुका है। इसके उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला क्षय रोग केंद्र और डॉट सेंटर का निरीक्षण किया गया। साथ ही सीबीनाट लैब और एमडीआर वार्ड का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होने वहाँ कार्यरत कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये ।
डॉ मिथलेश ने बताया कि २५ दिसंबर से शुरू हुए सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में ८० मरीजों को चिन्हित कर उनकी दवा शुरू कर दी गई है। निक्षय पोषण योजना के तहत सभी मरीजों को ५०० रुपये प्रति माह इलाज चलने तक दिये जाएंगे। साल २०२० में सरकारी अस्पतालों में २३६९ और प्राइवेट अस्पतालों में ३५२ मरीजों को चिन्हित किया गया। साथ ही १४६ एमडीआर के मरीज भी खोजे गए जिनका इलाज चल रहा है। जनवरी २०२१ की बात करें तो पब्लिक सेक्टर में ५३ और प्राइवेट अस्पतालों के माध्यम से १ टीबी के मरीज को चिन्हित किया गया है और सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर संजय यादव और प्रभारी सीएमएस मृत्युंजय दुबे मौजूद रहे।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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