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लॉक डाउन मे बुनकर समाज की हालत काफी खराब
ग़ाज़ीपुर: जावेद बिन अली द्वारा उत्तर प्रदेश वाराणसी।नोटबंदी के बाद पूरे भारत के कल कारखानों की हालत अभी सुधर नहीं पाई थी की कॉमेडी 19 ने पूरे भारत के कल कारखानों एवं मजदूरों की हालत तो जरूर खराब कर दी है। बुनकर दस्तकार अधिकार मंच के अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मान्नीय योगी आदित्यनाथ एवं देश के प्रधानमंत्री मान्नीय नरेंद्र मोदी अपने पत्र के माध्यम से मानवीय निवेदन करते हुए कहा है कि अब देश के मध्यम वर्ग के लोगों के पास अब कुछ भी बचा नहीं है कि वह कुछ बेच कर अपने परिवार के खाने का इन्तजाम कर सकें। लाँक डाउन खुलने के बाद कुछ काम कर के किसी तरह से खाने का इन्तजाम कर रहे थे कि अभी 3 दिन का लगा है और यह ऐलान किया गया कि हफ्ते में मात्र 5 दिन बाजार और दुकानें खुलेगी। लाँक डाउन लग जाने से खाने की परेशानी होना लाजिमी है। महीने में एक बार पाच किलो चावल देने से कैसे उसका पेट भरेगा और जिन लोगों के राशन कार्ड कट गए हैं या फिर किसी वजह से नहीं बन पाए हैं वह कैसे जी पाएगा।
बुनकरो को आर्थिक सहायता हेतु एक हजार रुपये का एलान तो कर दिया गया है लेकिन तीन महीना गुजरने के बाद भी किसी बुनकर को अभी तक नहीं मिला है अगर आगे भी लाँक डाउन बढ़ता है तो लोग भूखे मर जाएंगे। हम देश के प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी अनुरोध करते हैं कि जब जब हम बुनकरो के कारोबार पर संकट के बादल छाते तो बनारस की पूरी अर्थ व्यवस्था चरमरा जाती हैं क्यों कि अगर बुनकर का करोबार नहीं चलता है तो बनारस रिक्शा चलाने वाले हैं पटरी पर खोमचा लगाने वाले हो या फल सब्जी बेचने वाले हो सब पर असर पड़ता है
हमारे पुर्वजों ने जब भी ऐसी परेशानी आई है तो सार्वजनिक दुआ खानी करने के लिए एक जगह इकट्ठा हो कर अपने रब..।अल्लाह।..को याद करते हैं तो अल्लाह..।भगवान।..खुश हो कर इंसान की दुआ कुबूल करते हैं। उसे भी बंद कर दिया है यह है कोई सार्वजनिक प्रार्थना नहीं कर सकता है।अगर देश के प्रधानमंत्री एवं सूबे के मुख्यमंत्री इस कोरोना जैसी महामारी को खत्म करने के लिए सभी धर्मों के लोगों को इजाजत दे दे कि अपने अपने तरीकों से अपने भगवान..।अल्लाह।..को मनाने के लिए इजाजत दे ताकि सभी धर्मों के लोग मना सके तभी तो इस महामारी से निजात एवं छुटकारा मिल सकता है।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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