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By:मोज़म्मिल खान
गाजीपुर: जिले में गंगा के विकराल रुप से सहायक नदियां भी पूरी तरह से ग्रामीण अंचलों में तबाही मचा रही हैं। सैकड़ों गांव बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हैं। बाढ़ पीडि़तों को राहत पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधि, समाजिक संस्थाएं व राजनीतिक दल सभी लोग सरकार के चम्मच से बाढ़ पीडि़तों को राहत देना चाहते हैं। जिसकी चर्चा जिले में जोरों पर है। गाजीपुर में सात विधायक तीन भाजपा, दो सपा, दो सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक व भाजपा के एमएलसी हैं। इसके अलावा गाजीपुर लोकसभा से बसपा सांसद अफजाल अंसारी व बलिया लोकसभा के भाजपा सांसद विरेंद्र सिंह मस्त हैं। गाजीपुर जिले में सबसे ज्यादा बाढ़ भांवरकोल, मुहम्मदाबाद, रेवतीपुर, जमानियां, सदर, करंडा, सैदपुर ब्लाक के सैकड़ों गांव प्रभावित हैं। अभी तक दोनों सांसद व सातो विधायकों ने बाढ़ क्षेत्रों में जाकर पीडि़तों से मिलकर निजी तौर पर कोई राहत नही दिया है। सभी लोग बाढ़ क्षेत्रों से फोन आने पर सीधे जिला प्रशासन के उपर जिम्मेदारी डाल कर अपना कर्तव्य पूरा कर लेते हैं। इसी तरह रोटरी क्लब, वेलफेयर क्लब, साहित्य चेतना क्लब आदि दर्जनों समाजिक संस्थाएं हैं जो मंच से पीडि़तों का सेवा करने का दावा करती हैं लेकिन जनपद में बाढ़ ने विकराल रुप धारण कर लिया है लेकिन इन संस्थाओं ने कोई भी राहत सामग्री नही बांटी है। राजनैतिक दलों में भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, सुभासपा, लोकदल आदि किसी ने भी पार्टी स्तर पर कोई राहत सामग्री नही बांटी। सभी दल के नेता सरकार के मशीनरी का आस लगाये हुए हैं। बाढ़ पीडि़तों का कहना है कि अगर यह चुनाव का समय होता तो नेताजी घर-घर राहत सामग्री लेकर पहुंच जाते। लेकिन इस समय वोट का टाइम नही है तो कोई भी नेता इस मुसीबत में झांकने नही आ रहा है। बाढ़ की विभीषिका कम होने का नाम नही ले रही।गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है।बाढ़ के कहर से गाजीपुर के तमाम ग्रामीण और शहरी इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं।जिले में गंगा का जल स्तर 1 सेन्टीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अभी भी बढ़ रहा है।गंगा खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। मालूम हो कि शुक्रवार की सुबह 4:00 बजे से दोपहर 11:00 बजे तक गंगा का जलस्तर स्थिर था, किंतु 11:00 बजे के बाद से गंगा का जलस्तर पुनः एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार बढ़ने लगा। दोपहर 11:00 बजे तक गंगा का जलस्तर 64.270 मीटर तक जा पहुंचा। गंगा में आयी भयानक बाढ़ से जिले की पांच तहसीलों के सैकड़ो गांव बुरी तरह प्रभावित है।बाढ़ के इस कहर के चलते हजारों की आबादी मुश्किलों और मुसीबतों से जूझ रही है।आने वाले दिनो में गंगा का जल स्तर बढ़ने की आशंका है।जिसके चलते जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर रखा है।जिला प्रशासन बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य का दम भर रहा है।लेकिन पिछले चार दिनों से बाढ़ से घिरे लोगों को जीवन यापन में कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।बाढ़ को लेकर प्रशासन के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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