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By : Rizwan Ansari
गाज़ीपुर : जनपद में जहां हवाई पट्टी की जमीन पर 17 गांव के लोगों के द्वारा किए गए कब्जा के बाद रक्षा संपदा विभाग के द्वारा कार्रवाई की गई जिसके तहत पहले भूमि का चिन्हांकन किया गया और फिर अवैध रूप से बनाए गए भवनो का ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू किया गया हालांकि दो दिनों के बाद इस कार्रवाई को रोक दिया गया वहीं इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के द्वारा सोशल मीडिया और ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया जिसके बाद सपा के विधायक डॉ वीरेंद्र यादव गांव पहुंचे और गांव वालों का दर्द को साझा किया हालांकि इस दौरान विधायक जी यह भूल गए कि यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किस विभाग के द्वारा की गई है क्योंकि वह बार-बार मानव संपदा विभाग की बात कर रहे थे जबकि यह कार्रवाई रक्षा संपदा विभाग के द्वारा की गई है।
अंधऊ हवाई पट्टी जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनाई गई थी और इसका करीब 250 एकड़ से अधिक की भूमि में इसका क्षेत्रफल रहा है जिसमें करीब 17 गांव आते हैं और 17 गांव के लोगों ने इसके भूमि पर कब्जा कर मकान बनवा लिया था जिसका सुध रक्षा विभाग ने लिया और रक्षा संपदा विभाग जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपने भूमि का चिन्हांकन करना शुरू किया और फिर सीमांकन के बाद लोगों को एक सप्ताह का समय देते हुए 25 जून को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की है जिसमें करीब सैकड़ो लोगों को मकान को ध्वस्त कर दिया गया वहीं अब इसके बाद इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई और अखिलेश यादव के ट्वीट करने के बाद उनके विधायक डॉ वीरेंद्र यादव आज पीड़ित परिवारों के पास मिले और इसे वह सरकार के अन्याय पूर्ण कार्रवाई बताया उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि
उन्होंने बताया कि यह जो गांव है वह मानव संपदा विभाग की जमीन है लेकिन यह उस विभाग को भी पता नहीं है कि हमारी कहां पर और कितनी जमीन है क्योंकि इन्हें 70 साल के बाद याद आया कि उनकी भूमि कहां है और इनको चेत बारिश के मौसम में ही आया और इस बारिश के मौसम में मानव संपदा विभाग और जिला प्रशासन में बिना नोटिस दिए तुरंत खाली करने को कहा और बुलडोजर लगाकर उनके पक्के मकान को ध्वस्त करने का काम किया।
उन्होंने यह भी कहा की हवाई पट्टी का कही आधा बिस्सा कहीं एक विस्सा यानी की फुटकर में उनकी जमीन है ऐसा नहीं है की पूरी जमीन उनकी ही है लोग अपना पक्का मकान बनाकर रह रहे हैं मैं आरोप लगाता हूं और कहना चाहता हूं जिला प्रशासन को पहले से पता था तो पहले इन्हें नोटिस देना चाहिए था और उसके बाद दूसरी जगह विस्थापित करने के बाद ही कार्रवाई करने चाहिए थे।
बुलडोजर वाली जो सरकार है वह बड़े लोगों पर क्यों नहीं गलती है इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी और मोदी बाते नहीं है तो आखिरकार जो कार्रवाई हुई है दोनों संयुक्त रूप से भी हम मानेंगे ना। इसलिए की सरकार की जो महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री आवास योजना उसको भी गिरने का काम किया और जो प्रदेश की पंचायत भवन और प्राथमिक विद्यालय है यह भी प्रदेश सरकार की योजना है उसको भी ध्वस्त करने की कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने यह कहा है कि उनकी सरकार आने पर इन लोगों को आवास भी देंगे और भूमि भी देंगे इस बात को बताने में यहां पर आया हूं क्षति की क्षति पूर्ति भी करने का काम करूंगा
वही रक्षा मंत्रालय के द्वारा नोटिस दिए जाने के दावा की नोटिस दिए हैं तो वह दिखला दें और तत्काल मौके पर आकर खाली करने का निर्देश देना यह कहां तक संभव है जो अनियमितता के दायरे में आता है। क्या रक्षा मंत्रालय को यह पता थी कि हमारी जमीन कहां है नहीं पता थी अगर उन्होंने खोज लिया उसको हटाने की कार्रवाई नया संगत है न्याय संगत नहीं है लोकतंत्र के अंदर नियम कानून है संविधान के तहत यह कार्रवाई होती है।
वही जब विधायक से पूछा गया कि यह कार्य की विभाग के द्वारा की गई है तभी उन्होंने कहा कि मानव संपदा विभाग और जिला प्रशासन के द्वारा किया गया है वही जब मीडिया के द्वारा बताया गया कि मानव संपदा विभाग नहीं रक्षा संपदा विभाग तब उन्होंने सारी कहते हुए स्वीकार किया कि और रक्षा संपदा विभाग के द्वारा कार्रवाई की गई है
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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