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By : Rizwan Ansari
गाजीपुर : जिला पंचायत सभागार में संविधान जागरूकता अभियान के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें सपा सांसद अफजाल अंसारी के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे। इस दौरान सांसद अफजाल अंसारी ने ईवीएम और संसद भवन में रखे संगुल को लेकर बड़ा बयान दिया है।
संगुल को राजतंत्र का प्रतीक बताते हुए, उसे हटाकर संविधान और लोकतंत्र की स्थापना करने की बात कही। कहा कि पूरे देश के लोगों में संविधान को लेकर काफी चिंता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में EVM का उल्लेख नहीं किया था, सिर्फ मत देने का अधिकार बताया है। देश को उन्नति के शिखर पर ले जाने के लिए विज्ञान प्रौद्योगिकी का सहारा लिया जाए। बाबा साहब ने पढ़ने के लिए कहा है घंटा बजाने के लिए नहीं। संविधान में बोल बम के लिए भी नहीं लिखा गया है। कहा कि निर्वाचन आयोग में निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति निष्पक्ष होना चाहिए। इस आदेश को खंडित कर नया कानून बना दिया गया। जिसमें प्रधानमंत्री खुद और मंत्री परिषद का मंत्री और एक विपक्ष का नेता शामिल किया। राज दंड तानाशाही का प्रतीक है और संविधान लोकतंत्र का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि लहसुन 400 रुपये किलो के पार है और बेरोजगारों के सवाल पर कोई सवाल मत पूछना। कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि पावर इंजॉय कर रहे हो तो ऐसा आदेश पारित कर देंगे कि पूरा जीवन बर्बाद हो जाएगा, इस कमेंट पर शर्म से हम होते तो छत से कूद जाते।
अजमेर शरीफ पर डाली गई याचिका को लेकर कहाकि देश में भारत खोदो अभियान चल रहा है। महाराष्ट्र के सवाल पर कहा कि एकनाथ शिंदे को बुखार हो गया है इसका मतलब क्या है। जब एकनाथ शिंदे को बुखार आ जाएगा तो सरकार कैसे बनेगी। यही बुखार पार्लियामेंट में भी आ चुका है इस वक्त का बिल कहां चला गया पता कीजिए। वहां खुल्लम-खुल्ला बुखार आ गया, यहां पर चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार ने बैक गियर लगा दिया।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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