अति प्राचीन और गौरवशाली है बिंद समाज की सभ्यता और संस्कृति

By: Tanveer
Dec 25, 2022
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    गाजीपुर :पिछले 36 वर्षों से लगातार प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला बिंद दिवस समारोह रविवार को बड़े ही भव्य और धूमधाम से लंका मैदान गाजीपुर में मनाया गया जिसमें हजारों की संख्या में बिंद समाज के लोग आकर अपने बिंद समाज का मान-सम्मान पहचान और एकता कायम रखने का संकल्प लिए |पूरे कार्यक्रम स्थल को रंग-बिरंगे  झंडे गुब्बारों से सजाया गया सुबह के समय बिंद समाज के लोगों ने प्रभात फेरी निकाला जो शहर के प्रमुख मार्गो और चौराहों से भ्रमण करके कार्यक्रम स्थल में पहुंचे|                 समारोह के आरंभ में अखिल भारतीय बिंद समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत मोहन बिंद एडवोकेट पूर्व शासकीय अधिवक्ता भारत सरकार ने बिंद दिवस की सभ्यता -संस्कृति और ऐतिहासिकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बिंद समाज भारत का सबसे बहादुर, मेहनती ,ईमानदार, साहसी और न्याय प्रिय समाज है बिंद समाज के लोगों ने कभी भी पैर धोकर पीने और सर झुका कर जीने की मानसिकता को स्वीकार नहीं किया |                           समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए भभुआ बिहार के विधायक माननीय भरत बिंद ने कहा कि, बिन्द समाज का कोई पेशा निश्चित ना होना इस बात का प्रमाण है कि समाज पूर्व में भारत का शासक रहा है हमारी अलग संस्कृति एवं सभ्यता रही है| हम अपने पूर्वजों की समानता एवं न्याय प्रिय व्यवस्था की धरोहर को बरकरार नहीं रख पाए यही हमारे आर्थिक ,शैक्षणिक ,सामाजिक एवं राजनैतिक पिछड़ेपन का कारण है|   

  विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक तिलक धारी जी ने समाज में शिक्षा का प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।  समाज की युवाओं को आगे आकर अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत होना पड़ेगा| आज का नौजवान इस देश और समाज का भविष्य सुरक्षित रख सकता है ।  कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में माननीय गणेश बिंद डायरेक्टर कृषि विभाग बिहार सरकार ने कहा कि , "बिंद "शब्द इतना सम्मानित होते हुए भी हमारे समाज के उच्च शिक्षित महत्वकांक्षी लोग अपने को बिन्द बताने में अपमानित महसूस किए और अपने नाम के आगे बिंद न  लिखकर विभिन्न उपसर्ग व विशेषण का प्रयोग करके अपनी जाति छिपाने का प्रयास किए। जबकि दूसरी ओर गांव में रहने वाले मेंहनती लोगों ने कभी भी अपनी जाति छुपाने का प्रयास नहीं किया।  बिना अपनी पहचान बताएं और बिना अपनी संख्या दिखाएं शासन सत्ता में भागीदारी मिलना तो दूर की बात है|  बिंद समाज की भावी पीढ़ी अपनी सामाजिक ,आर्थिक ,शैक्षणिक और राजनीतिक विरासत को नहीं बचा सकेगी ।                 

 समारोह में मुख्य रूप से गजराज चौधरी ,सुपन चौधरी ,अर्जुन बिन्द, ऋषिकेश बिन्द, अरविंद बिंद एडवोकेट, विनोद बिन्द एडवोकेट ,सुरेंद्र  बिंद, सुषमा बिंद एडवोकेट, कमलेश बिंद ,रविंद्र कुमार बिंद ,राकेश बिंद, मुन्ना बिंद, जोखू बिंद ,सुनील बिंद, कमलकांत बिंद, संदीप बिंद, रामबली बिंद ,नंद लाल बिंद, कृष्णा बिंद ,लल्लन बिंद, सुदर्शन बिंद ,रामहर्ष बिंद एडवोकेट, लालजी बिंद एडवोकेट, राम व्यास बिंद, अनिल बिंद, हरदेव बिंद ,दीपक बिंद, आदि अपने अपने विचार व्यक्त किए । समारोह की अध्यक्षता भुवनेश्वर बिंद और संचालन राम दरस बिंद ने किया । 


Tanveer

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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