
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के फैसले से गणेश नाईक को झटका लगने की चर्चा
नवी मुंबई : नवी मुंबई में खतरनाक और जर्जर इमारतों के पुनर्विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने क्लस्टर पुनर्विकास योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत एक से अधिक सोसायटियां एक साथ आकर पुनर्विकास कर सकेंगी। इससे हजारों निवासियों को सुरक्षित घर मिलने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भाजपा के वरिष्ठ नेता गणेश नाईक को एक और राजनीतिक झटका दिया है।

गणेश नाईक और एकनाथ शिंदे के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किसी से छिपी नहीं है। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लगातार खींचतान देखने को मिली है। गणेश नाईक नवी मुंबई में क्लस्टर योजना के विरोध में रहे हैं। ऐसे में नगर विकास विभाग की ओर से इस योजना को मंजूरी दिए जाने को दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव के एक और घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
मनपा में पारित हुआ था योजना के विरोध में प्रस्ताव
राज्य सरकार के इस फैसले का गणेश नाईक ने कड़ा विरोध किया था। नवी मुंबई महानगरपालिका में भी शहर में क्लस्टर योजना को लागू करने पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पारित किया गया था। इस योजना का विरोध करते हुए तर्क दिया गया था कि शहर में व्यापक स्तर पर क्लस्टर पुनर्विकास की अनुमति देने से आबादी में वृद्धि होगी और पानी, सड़क, परिवहन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ेगा।
हालांकि, अब नगर विकास विभाग ने मनपा के इस रुख के विपरीत क्लस्टर योजना को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
एकनाथ शिंदे बनाम गणेश नाईक की लड़ाई फिर चर्चा में की
क्लस्टर योजना को मंजूरी मिलने के बाद नवी मुंबई की राजनीति में एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक के बीच टकराव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर जर्जर इमारतों में रहने वाले नागरिकों को पुनर्विकास से राहत मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी ओर इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्लस्टर योजना को लागू करने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और नवी मुंबई के नागरिकों को इसका वास्तविक लाभ कब तक मिलता है।

