
गाजीपुर : आज जनपद गाजीपुर के रौजा स्थित भारतीय आवाम पार्टी (राष्ट्रीय) के कार्यालय पर एक ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन रहा। गोष्ठी की शुरुआत से पूर्व, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. कुँअर नसीम रज़ा सिकरवार ने सर्वप्रथम पार्टी के जनपदीय कार्यालय गाज़ीपुर का फीता खोलकर विधिवत शुभारंभ एवं भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के साथ मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत किया।
कार्यालय उद्घाटन के उपरांत, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा 21 अक्टूबर 1943 को ‘आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार’ की स्थापना की ऐतिहासिक घोषणा के अवसर पर “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना” विषयक एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुँअर नसीम रज़ा सिकरवार ने कहा, “यह नया जनपदीय पार्टी कार्यालय गाजीपुर में जनता की आवाज़ और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का मुख्य केंद्र बनेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना कर दुनिया को यह दिखा दिया था कि भारत अपनी संप्रभुता और आज़ादी के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। आज हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश की आंतरिक एकता को मजबूत करना होगा। युवाओं को राष्ट्र निर्माण की इस मुख्यधारा से जुड़कर एक अखंड और सशक्त भारत के सपने को साकार करना चाहिए, जहाँ हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान मिले।”

पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ज़ाकिर हुसैन विक्की ने अपने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वागत के साथ संबोधित करते कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा 21 अक्टूबर 1943 को आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की घोषणा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक अध्याय है। आज़ाद हिंद फ़ौज में धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर अनेक मुस्लिम सहित सभी समुदायों के वीरों ने देश की आज़ादी के लिए त्याग और बलिदान दिया। उनका समर्पण हमें याद दिलाता है कि राष्ट्रभक्ति किसी धर्म या जाति की जागीर नहीं, बल्कि हर भारतीय का साझा गौरव है।
नेताजी के विचारों से प्रेरणा लेते हुए भारतीय आवाम पार्टी (राष्ट्रीय) का संकल्प है कि देश में किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म, वर्ग या समुदाय के आधार पर भेदभाव और असमानता न हो। प्रत्येक भारतीय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय, सम्मान और उन्नति के समान अवसर मिलें। किसान, मजदूर, युवा, महिलाएँ तथा वंचित और पिछड़े वर्ग राष्ट्र निर्माण में बराबरी के भागीदार बनें।
आज देशवासियों से अपील है कि वे आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत रखें तथा किसी भी विदेशी ताकत या उसके कथित षड्यंत्र के प्रभाव में आए बिना, हर सूचना की सत्यता परखें। नफरत, अफवाह और विभाजनकारी प्रयासों से सतर्क रहते हुए देश की संप्रभुता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा करें।
मैं विशेष रूप से जेन-ज़ी और जेन-अल्फ़ा के युवाओं से आह्वान करता हूँ कि वे अपनी नई सोच, तकनीकी दक्षता और ऊर्जा के साथ आगे आएँ, भारतीय आवाम पार्टी (राष्ट्रीय) से जुड़ें और शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय तथा जनसेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
हमारा ध्येय है—राष्ट्र सर्वोपरि, बिना भेदभाव सबको समान अवसर, सर्वसमाज का सम्मान और जनसेवा से सशक्त भारत का निर्माण। नेताजी के आदर्श हमारी प्रेरणा हैं और एकजुट, समतामूलक भारत हमारा संकल्प है।
इस अवसर पर युवाओं को प्रेरित करते हुए सागर सिंह मौर्य ने कहा, “नेताजी का सम्मान, राष्ट्र का उत्थान! युवा जागेगा, भारत आगे बढ़ेगा!”
ज़ेन अल्फ़ा, एलिज़ा भारतवंशी ने कहा कि “नई पीढ़ी ही नए भारत की शक्ति है! नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को अपना आदर्श बनाएं। ज्ञान को शक्ति, चरित्र को पहचान और राष्ट्रसेवा को अपना संकल्प बनाएं। जाति-धर्म से ऊपर उठकर हर समाज के उत्थान में भागीदार बनें।
नई पीढ़ी का एक ही अरमान—एकजुट, समरस और सशक्त भारत महान!” वहीं हेलाल सिद्दीक़ी राजन ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा, “नेताजी के साहस और राष्ट्रप्रेम को आत्मसात करें, जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में जुटें। राष्ट्र सर्वोपरि, युवा शक्ति देश की शक्ति है!”
इसके साथ ही सलीम अंसारी ने भी युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, “नेताजी का अरमान—सशक्त भारत, एकता हमारी ताकत, राष्ट्रसेवा हमारी पहचान! उठो युवाओं, राष्ट्र निर्माण में जुटो!”
प्रमुख लोगों की गरिमामयी उपस्थिति:
इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाज के विभिन्न वर्गों से आए प्रमुख लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों में सदरुद्दीन अंसारी, जमील अंसारी, तारिक अब्बास सिद्दीकी, आतिफ अंसारी, फखरे आलम बाबू, ज़ियाउलहक़ आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने नेताजी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

