
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई के हाथों ‘स्मार्ट नागरिक’ पाठ्यक्रम एवं डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन
मुंबई : विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता तथा नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मुंबई महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई के हाथों आज मुंबई में ‘स्मार्ट नागरिक-नागरिकशास्त्र और संवैधानिक मूल्य’ नामक स्कूली पाठ्यक्रम तथा महामानव भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन पर आधारित ‘विद्यार्थी प्रेरणा-भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर’ पुस्तक का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और नागरिक के रूप में अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना भी आवश्यक है। शिक्षित पीढ़ी के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने वाले नागरिकों का निर्माण करना समय की जरूरत है। इस दृष्टि से मुंबई महानगरपालिका द्वारा शुरू किया गया ‘स्मार्ट नागरिक’ पाठ्यक्रम और ‘विद्यार्थी प्रेरणा’ पहल सराहनीय है।
मुंबई पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों की मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुंबई पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद करने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने विद्यार्थियों की समझने की क्षमता, आधुनिक तकनीक के प्रति उनकी जानकारी तथा कंप्यूटर प्रयोगशाला में आधुनिक तरीकों से किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि बड़े शुल्क लेने वाले निजी स्कूलों की तुलना में भी मुंबई पब्लिक स्कूल में बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जा रही है। यह देखकर उन्हें खुशी हुई। विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करने वाले ऐसे प्रयास एक सशक्त, जागरूक और मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा के साथ सामाजिक संवेदनशीलता भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के विद्यार्थियों को विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से दुनिया भर की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इस जानकारी का उनके व्यक्तित्व और विचारों पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बोध कराना अत्यंत आवश्यक है।
विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि समाज के निर्माण और विकास में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जिस सामाजिक व्यवस्था और संविधान के कारण उन्हें शिक्षा प्राप्त करने तथा अपने व्यक्तित्व को विकसित करने का अवसर मिला है, उसके प्रति कृतज्ञता और जिम्मेदारी की भावना उनमें विकसित होनी चाहिए।
डॉ. आंबेडकर के संवैधानिक मूल्य जिम्मेदार नागरिकता की नींव
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान में निहित मूल्य जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न सामाजिक वर्गों को एकजुट कर उनमें निर्भयता, एकता और समाज के प्रति संवेदनशीलता के मूल्य विकसित किए। यदि विद्यार्थियों को स्वराज्य के इन आदर्शों और भारतीय संविधान के मूल्यों की सही समझ दी जाए, तो वे जीवन में निराश हुए बिना समाज और देश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे।
लोकतंत्र और संविधान के रास्ते ही हों फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान अस्तित्व में है, तब तक देश में निर्णय संसद के माध्यम से होंगे और सत्ता परिवर्तन चुनावों के जरिए ही होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। कई बार चुनौतियां सामने आने के बावजूद भारतीय लोकतंत्र और संविधान कायम हैं। संविधान प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार देता है। इसलिए किसी भी समस्या के समाधान और न्याय प्राप्त करने के लिए संवैधानिक मार्ग अपनाना आवश्यक है। वहीं, असंवैधानिक रास्ता अपनाने वालों के संबंध में कानूनी प्रावधान भी संविधान के अंतर्गत निर्धारित हैं।
इस अवसर पर विधायक कालिदास कोळंबकर, विधायक अमित साटम, मुंबई की महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

