
जुहू में सरेशाम वारदात से मचा हड़कंप, ड्राइवर समेत दो घायल; हमलावरों की तलाश में पुलिस की 15 टीमें, सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के दावे की भी पड़ताल
मुंबई : मायानगरी मुंबई में रविवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। जुहू इलाके में हुई इस वारदात में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर समेत दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हमलावरों की तलाश और वारदात की कड़ियां जोड़ने के लिए करीब 15 पुलिस टीमें जुटी हैं।

पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब सात बजे हुई। टाइगर श्रॉफ एक निजी कार्यक्रम से निकलकर अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाईं।
“डीसीपी डॉ. मोहित कुमार गर्ग के अनुसार, अभिनेता पूरी तरह सुरक्षित हैं। फायरिंग में उनके ड्राइवर फिरदोस के हाथ में चोट आई है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है, जबकि दूसरे घायल चौहान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”
सीसीटीवी और फॉरेंसिक साक्ष्यों से सुराग की तलाश
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने अभी तक फायरिंग में चली गोलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि हमलावरों के आने-जाने के रास्ते, उनकी पहचान और वारदात के पीछे के मकसद का पता लगाया जा सके।
सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता भी जांच के घेरे में
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट सामने आई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का दावा करने वालों ने हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां पोस्ट की सत्यता और संभावित आपराधिक कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त से ली जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त से बात कर घटना की जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि अभिनेता को पहले कोई धमकी मिली थी या नहीं। फिलहाल जांच का मुख्य फोकस हमलावरों की पहचान, उनकी गिरफ्तारी और फायरिंग के पीछे की असली वजह का पता लगाने पर है।

