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By : रिजवान अंसारी
गाजीपुर : भारत देश जब अंग्रेजों के हाथ गुलाम था तब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजादी की जंग लड़ते हुए 21 अक्टूबर को आजाद हिंद फौज की स्थापना किया। और इस फौज में करीब 60000 लोगों की भर्ती भी किया था। उन दिनों जाति धर्म से परे हटकर देश की आजादी के मतवाले इस आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे। जिसमें 40% करीब मुस्लिम समाज के जवान शामिल हुए थे। जिसमें से गाजीपुर से करीब 29 लोग इस आजाद हिंद फौज के सिपाही बने थे। जिसमें प्रमुख नाम स्वतंत्रता सेनानी और फिल्म एक्टर नजीर हुसैन का है जो दिलदारनगर थाना क्षेत्र के उसिया गांव के रहने वाले थे।
सुभाष चंद्र बोस का गाजीपुर से गहरा नाता रहा है और वह भारत को आजाद करने के लिए अहम लड़ाई लड़ी। जनपद के इतिहास में क्रांतिकारियों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। और इसी को लेकर गाजीपुर के टैक्सी स्टैंड पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा और स्मारक पर प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को आजाद हिंद फौज का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को जानने वाले बताते हैं कि नेताजी गाजीपुर में दो बार आए थे। एक बार स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 1938 में तत्कालीन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बाबू परशुराम राय के पहल पर गाजीपुर आए थे । और इस दौरान उन्होंने टाउन हॉल में जनसभा भी किया था जिसे सुनने के लिए बहुत सारे लोग भी पहुंचे थे। इस जनसभा में पहुंचे बहुत सारे लोग आजादी के आंदोलन से जुड़ने का भी काम किया था । इसके बाद 1940 में फॉरवर्ड ब्लॉक की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने गाजीपुर आए थे और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बाबू परशुराम राय के आवास रायगंज मोहल्ले से कांग्रेस से अलग होकर फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया था। तब उनकी मुखालफत कांग्रेस की जनपद इकाई ने किया था जिसकी अगुवाई पंडित दल सिंगर दुबे ने किया था । उसी के बाद से नेताजी अंडरग्राउंड हो गए और अंग्रेजों के खिलाफ आर पार का मोर्चा खोलने के लिए 1942 में आजाद हिंद फौज का गठन किया था।
नेताजी के विचारों वाली भारतीय आवाम पार्टी राष्ट्रीय के राष्ट्रीय महासचिव कुंवर नसीम राजा खान इस पद को स्वीकार करने के बाद गाजीपुर में साल 2022 और 23 में चौखट प्रणाम अभियान चलाया था। जिसमें गाजीपुर के विभिन्न गांव में आजाद हिंद फौज से जुड़े हुए फौजी और उनके परिजनों से मुलाकात किया था । और उनके मुलाकात में गाजीपुर में अब तक करीब 29 परिवारों से मुलाकात हुई । और पता चल पाया कि यह लोग आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे हैं।
आजाद हिंद फौज के इन 29 सिपाहियों में सबसे प्रमुख नाम दिलदारनगर थाना क्षेत्र के उसिया गांव के रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी और भोजपुरी फिल्म एक्टर नजीर हुसैन का नाम सबसे पहले आता है । वहीं इसी गांव के अनिरुद्ध कुशवाहा भी थे। इसके अलावा कैप्टन गनी खान और गफ्फार अंसारी जो मिर्चा गांव के रहने वाले थे। गफ्फार खान और जहीर अहमद मानना गांव के रहने वाले थे। इसके अलावा फौजियों का गांव गहमर जहां से 6 फौजी आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे। ऐसे ही करीब 29 परिवारों से कुंवर नसीम रजा खान उनके दरवाजे पहुंचकर उन्हें चौखट प्रणाम कर उन परिवारों का हाल-चाल भी लिया था।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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