
अजनसोंडा (बु.), ता. चाकूर( महाराष्ट्र) : गांव के आदर्श एवं सेवानिवृत्त चित्रकला शिक्षक श्री व्यंकटेश निवृत्ती काकनाटे के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनका ‘अमृत महोत्सवी’ जन्मदिन समारोह 7 अगस्त को उनके मूल गांव अजनसोंडा (बु.) में बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर काकनाटे गुरुजी को दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं।
गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति

इस पारिवारिक एवं सामाजिक समारोह में गांव तथा आसपास के क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिक, कलाप्रेमी, व्यवसायी, पूर्व विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने काकनाटे गुरुजी के साथ अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए उनके दीर्घकालीन योगदान का गौरव किया।
शैक्षणिक एवं कला क्षेत्र में योगदान का सम्मान
समारोह के दौरान उपस्थित मान्यवरों के हाथों व्यंकटेश काकनाटे सर का शाल, श्रीफल, पुष्पहार एवं भेंट देकर सत्कार किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद के पूर्व सदस्य हनुमंतराव पाटील सहित अन्य वक्ताओं ने काकनाटे गुरुजी की चित्रकला एवं शैक्षणिक क्षेत्र में दीर्घकालीन सेवा की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि काकनाटे गुरुजी ने अपने शिक्षकीय कार्यकाल में अनेक विद्यार्थियों को कला की शिक्षा देकर उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने अपने गांव की सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता बनाए रखी। गांव की मिट्टी और ग्रामवासियों से उनकी आज भी जुड़ी मजबूत नाळ सभी के लिए प्रेरणादायी है।
माजी विद्यार्थियों ने साझा की पुरानी यादें
अमृत महोत्सवी वर्ष के अवसर पर काकनाटे गुरुजी के पूर्व विद्यार्थियों एवं ग्रामवासियों ने उनसे जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया और उनके मार्गदर्शन तथा स्नेह को याद करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की।
सत्कार के जवाब में व्यंकटेश काकनाटे गुरुजी ने भावुक होते हुए कहा कि, “गांव की मिट्टी और गांववासियों ने मुझे जो प्रेम दिया है, वही मेरे 75 वर्षों के जीवन की सबसे बड़ी शिदोरी है।” उन्होंने जन्मदिन समारोह में उपस्थित सभी मान्यवरों, पूर्व विद्यार्थियों, ग्रामवासियों एवं मित्र परिवार का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर माजी सरपंच गुंडेराव माने, डी. जी. भुरकापल्ले साहेब, समाजसेवक डॉ. त्रिंबकराव जोशी, नरहरी गवळे माळी महाराज, गणपतराव पाटील, मधुकरराव माने, परमेश्वर माने, तुळशीदास माने, डॉ. महेश पाटील सहित मित्र परिवार एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

