कोविड-19 मैं अंग्रेजी दवाइ कंपनियों का बड़ा खेल। हल्दी में हैं कई गुण, रोग प्रतिरोधक बढ़ाने का क्षमता : आनंद विद्यार्थी

By: Muzammil Khan
May 21, 2020
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गाज़ीपुर : (खान अहमद जावेद द्वारा )मौजूदा समय की बात करें तो कोविड-19 यानि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने में हल्दी की बड़ी भूमिका है। क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने का काम करती है। यही कारण है कि इन्हीं गुणों को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने भी टिप्स के रूप में दूध में हल्दी मिलाकर पीने की सलाह दी है। उक्त बातें अपनी विशेष भेंटवार्ता में आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी आनंद विद्यार्थी ने बताई है। 

उन्होंने बताया कि हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटीबायोटिक्स शरीर के फ्री रेडिकल सेल्स से लड़ते हैं। यही वजह है कि दूध में हल्दीद मिला कर पीने से बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-खांसी, गले की खरास और मौसमी बुखार से छुटकारा मिलता है। 

हल्दी में मौजूद एंटीबायोटिक्स और दूध में मौजूद कैल्शियम दोनों मिलकर हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं। इसीलिए किसी भी तरह के फ्रैक्चर होने पर इसे खासतौर पर पीने की सलाह दी जाती है। हल्दी में 6% करक्यूमिन होता है जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। 

उन्होंने यह भी बताया कि हल्दी में कई गुण होते हैं। हल्दी एंटीसेप्टिक का काम करती है। घाव या इंफेक्शन को रोकने वाली एंटीबायटिक भी है। यह बैक्टीरिया को मारने का काम करता है और उसके प्रसार को भी रोक देता है। इस दौरान बैक्टीरिया कुछ दिनों पश्चात खत्म होना शुरू हो जाता है। यह एंटी हिस्टामिनिक एंटी एलर्जी होती है। साथ ही लोगों में यह भ्रांति है कि हल्दी जॉन्डिस के मरीजों को नहीं दी जानी चाहिए। जबकि प्रयोगों से साबित हो चुका है कि हल्दी के सेवन से पीलिया जैसे रोगों की चिकित्सा में यह बेहद लाभकारी है। 

एक प्रश्न के उत्तर में साफ़ लफ़्ज़ों में कहां जब भारत गुलाम हुआ था उस समय भारत का आयुर्वेदिक और यूनानी मेडिसिन का पूरी दुनिया लोहा मानती थी। लेकिन राज के साथ-साथ इस पद्धति पर भी हमला करके इतना दुष्प्रचार किया गया। देश तो आजाद हो गया लेकिन अंग्रेजी दवाओं का गुलामी से नहीं निकल पाया। उन्होंने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी अंग्रेजी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ऐसी दवा कंपनी है जिसका वार्षिक बजट 30 लाख करोड़ रुपए है। इस कोविड-19 के महामारी में हमारी पद्धति की बहुत कम अवसर प्रदान किया जा रहा है। अवसर प्रदान किया जाता है। गुजरात में 6000 मरीजों पर इसका प्रयोग किया गया है। इसका काफी अच्छा असर हुआ है जिसकी वजह से आयुर्वेद की तरफ ध्यान सरकार द्वारा दी गई है। इसका बहुत जल्द नतीजा निकलेगा। कोविड-19 महामारी में व्यापार का एक बहुत बड़ा खेल है।


Muzammil Khan

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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