शिक्षा में गुरु-शिष्य परंपरा वर्तमान प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह

By: Khabre Aaj Bhi
Sep 06, 2019
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By: मोज़म्मिल खान 

सेवराई:  शिक्षक दिवस के अवसर पर प्राचीन शिक्षा में गुरु-शिष्य परंपरा वर्तमान प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह क्षेत्र के स्वर्गीय चंद्रशेखर जी पूर्व प्रधानमंत्री स्मारक महाविद्यालय रामपुर कनवा सेवराई में आयोजित की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि गीता गुरुकुल फाउंडेशन अमेरिका के प्रेसिडेंट योगी आनंद एवं पूर्व चीफ प्राक्टर बीएचयू व समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष ए के जोशी द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करके हुई। बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा जय लक्ष्मी प्रियंका तिवारी सोनाली सिंह ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत गाकर कार्यक्रम को गति दी। गीता गुरुकुल फाउंडेशन अमेरिका के प्रेसिडेंट योगी आनंद शुक्ला ने प्राचीन भारतीय शिक्षा में गुरुकुल परंपरा और प्राथमिकता विषय पर अपने विचार देते हुए बताया कि प्राचीन समय में शिक्षा शिक्षा ना हो पर दीक्षा हुआ करती थी तब गुरुकुल की परंपरा शिष्यों द्वारा पूरी की जाती थी। शिष्य गुरु को अपने पिता तुल्य सम्मान व आदर देते थे। जो आज के परिवेश में नहीं मिल पाती। आज सामाजिक तौर पर विद्यार्थी व गुरु पेशेवर हो गए हैं और गुरुकुल धन अर्जित करने का एक साधन मात्र हो गया है। बीएचयू के पूर्व चीफ प्राक्टर एवं समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष एके जोशी ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा पद्धति प्राचीन शिक्षा पद्धति से बेहतर है प्राचीन समय में केवल ब्राम्हण क्षत्रिय समाज के छात्रों को ही शिक्षा दी जाती थी। शूद्र और अन्य जाति के शिष्यों को शिक्षा लेने का अधिकार नहीं दिया गया था। जबकि वर्तमान में शिक्षा समान रूप से सभी के अधिकार क्षेत्र में है किसी भी जाति, वर्ग विशेष के छात्र-छात्राएं आधुनिक शिक्षा पद्धति के अनुसार साक्षर के साथ परिपक्व होते हुए देश हित में अपना योगदान दे सकते हैं। इस मौके पर महाविद्यालय के प्रवक्ता अरविंद दुबे द्वारा सभी शिक्षकों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुष्कर और शांभवी ने श्याम तेरी बंसी गीत सुनाकर सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य नामवर सिंह एवं संचालन डॉ हेमंत शुक्ला ने किया।

इस मौके पर मुख्य रूप से उमाशंकर सिंह, अशोक सिंह पप्पू, हीरा यादव, राहुल यादव, अजय यादव, श्वेता गुप्ता, परवेज अहमद, डॉक्टर कृष्ण मोहन पांडेय, जितेंद्र कुमार, टीएन राय, सुनील मिश्रा, दीपक, बिट्टू, गजाधर सिंह आदि सहित महाविद्यालय के छात्र छात्राएं व सभी कर्मचारीगण मौजूद रहे।


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Reporter - Khabre Aaj Bhi

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