डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर जिला मलेरिया विभाग एलर्ट,

By: Maroof ahmed
Aug 22, 2019
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चिकित्सा अधिकारियों को कार्यशाला के माध्यम से दी गई जानकारी

ग़ाज़ीपुर : बारिश का मौसम देखते हुए जिला मलेरिया विभाग ने कमर कसते हुए डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर एक संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर किया गया जिसकी अध्यक्षता नोडल अधिकारी डॉ डीपी सिन्हा के द्वारा की गयी।  इस बैठक में जनपद के सभी सीएचसी और पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी व अधीक्षक के साथ ही जिला मलेरिया विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर डॉ डीपी सिन्हा ने बताया इस कार्यशाला में डेंगू और चिकनगुनिया के साथ ही कालाजार और 2 सितंबर से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान को लेकर भी चर्चा की गयी। उन्होंने बताया मॉनसून में या उसके बाद मच्छर काटने से डेंगू, चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।  इनके इलाज में भी काफी वक्त लगता है। साथ ही बीमारियों के शुरुआत में बुखार होता है, लेकिन ऐसे में यह पहचानना जरूरी है कि व्यक्ति को डेंगू है या चिकनगुनिया, जिससे सही वक्त पर सही इलाज हो सके। डब्ल्यूएचओ के डॉ पंकज सुथार ने भी डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। 

एसीएमओ डॉ केके वर्मा ने बताया डेंगू और चिकनगुनिया मच्छर के काटने से होता है। चिकनगुनिया का कारण जीनस अल्फा वायरस है, बल्कि डेंगू जीनस फ्लेवी वायरस की वजह से होता है। दोनों ही बीमारियां मच्छर के काटने से होती हैं और शुरुआती लक्षण बुखार होता है।

इस अवसर पर जिला अस्पताल में तैनात डॉ सतेंद्र पाल ने बताया डेंगू में बुखार के साथ आंखें लाल हो जाती है और स्किन का रंग हल्का लाल होने लगता है। डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और खून में कमी होने लगती है। कुछ लोगों को चक्कर आने की वजह से बेहोशी छा जाती है। रोगी के मुंह का स्वाद बदल जाता है और उसे उल्टियां और मिचली भी आती हैं। अचानक से शरीर का तापमान 104 डिग्री हो जाता है और ब्लड प्रेशर भी नार्मल से बहुत कम हो जाता है।

जिला अस्पताल के ही डॉ एस पी चौधरी ने बताया डेंगू में भी हल्का बदन दर्द होता है लेकिन चिकनगुनिया में जोड़ों और मांसपेशियों में  में तेज दर्द होता है। यह दर्द चिकनगुनिया होने के बाद भी कई दिनों तक रहता है। इसी के साथ गले में खरांश होती है और आंखों के पीछे वाले भाग में दर्द और कंजेक्टिवाइटिस रहने लगता है। चिकनगुनिया बुखार 2 से 12 दिन तक रहता है लेकिन रोगी को इससे उबरने के लिए महीनों लग जाते हैं। कई बार चिकनगुनिया के मरीज को जोड़ों के दर्द की समस्या 3 महीने से 2 साल तक झेलनी पड़ती है। उन्होने बताया इन बीमारियों से निपटने के लिए शुरुआत में ही सम्पूर्ण जांच कराकर पूरा इलाज लेना चाहिए ताकि शुरुआती स्टेज में इसको नियंत्रित किया जा सके।  

कार्यशाला मेंप्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी संजीव सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी केसी तिवारी, अविनाश यादव, दीपक राय, अंकिता राय, राजकिशोर सोनकर के साथ ही कालाजार के सुपरवाइजर राकेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।


Maroof ahmed

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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